मप्र में कांग्रेस को सत्ता में लंबे समय से वापसी का इंतजार है।कांग्रेस की दिग्विजय सिंह की सरकार के समय की नाराजगी और उमा भारती के जोष ने भाजपा को जो जीत दिलाई जिसे एक लंबे समय से षिवराज सिंह चैहान ने सम्हाले रखा है।मप्र के सीएम षिवराज की सामाजिक और अंतिम पंक्ति के व्यक्ति के विकास की सोच ने ही मप्र में हुए कई घोटालों के बाद भी भाजपा की सत्ता को बचाए रखा है।प्रदेष में भाजपा को बनाए रखने में भाजपा की नीतियों के साथ साथ कांग्रेस की अंतर्कलह भी एक बडा कारण रही है।कांग्रेस
कंग्रेस की अंतर्कलह समय समय पर प्रदेष की जनता के सामने आती रही है।यही वजह रही कि भाजपा के सामने प्रदेष में राजनीतिक चुनोती ना के समान हो गई।पहली जीत के बाद भाजपा की दौनों विधानसभा चुनावों में जीत का एक बडा कारण कांग्रेस की कमान किसी मजबूत हाथों में ना होना भी रहा।पर इस बार कांग्रेस पार्टी के तेवर अलग नजर आ रहे है,पार्टी ने उप चुनावों में अलग अलग क्षत्रपों को जिम्मेंदारी देकर तय करने की कोषिष की है कि इस बार 2018 की बागडोर किस के हाथ में दी जाए।
हाल ही में हुए दो उप चुनावों में अटेर की जीत ने कांग्रेस के चेहरे के संकेत और भी साफ कर दिए है,,हालांकि प्रदेष में कांग्रेस के पास अंदरूनी द्वंद ज्योतिरादित्य सिंधिया और कमलनाथ में चल रहा है,समय समय पर पार्टी के नेता अपने अपने नेता को कमान सोंपने के बयान देकर इस आग में हवा भी देते रहते है।यही बजह है कि अभी तक आलाकमान खुलकर नाम की घोशणा नहीं कर पाई।
एक तरफ जहां कांग्रेस आलाकमान ने कोई अधिकारिक घोशणा नहीं की है वहीं दूसरी तरफ भाजपा की प्रदेष कमान सम्हालने वाले मुखिया और उनके आसपास के नेताओं ने ज्यातिरादित्य सिंधिया पर हमले करना षुरू कर दिए है।हाल ही में मुखिया की सिंधिया परिवार के नाम पर की गई टिप्पणी इसका प्रत्यक्ष उदाहरण है।हालांकि इस टिप्पणी से पार्टी में मौजुद सिंधिया परिवार के सदस्य नाराज भी हुए और फायदा होने से ज्यादा इस टिप्पणी ने पार्टी को नुकसान ही किया।पर जैसे ही अटेर चुनाव के नतीजे कांग्रेस के पक्ष में आए भाजपा नेताओं की बौखलाहट बढती जा रही है।यही कारण है कि प्रदेष अध्यक्ष नंद कुमार चैहान ने एक सालो से दबे सिंधिया परिवार की जमीन मामले को फिर से उठाते हुए सिंधिया पर हमला बोल दिया है।
भाजपा का ये हमला जुबानी हमले तक सिमित नहीं रहा है,ईओडब्लू में सिंधिया के खिलाफ की गई 3 साल पुरानी षिकायत को भी फिर से जांच में लेते हुए आने वाले चुनावो में हमले की तैयारी षुरू कर दी गई है।अचानक भाजपा नेताओं के ज्योतिरादित्य सिंधिया और सिंधिया परिवार पर किये जा रहे हमले, ये साबित करते है कि भाजपा में सिंधिया के सामने आने से घबराहट तो है।अब बस देर है कांग्रेस की आलाकमान के सीएम उम्मीदवार के नाम की घोशणा करने की।जिसके बारे में खुद सिंधिया बोल चुके है कि ये घोशणा कुछ महीने पहले ही हो जानी चाहिए थी।
कांग्रेस सीएम उम्मीदवार की कब तक घोशणा करेगी ये तो आने वाला समय ही बताएगा पर ये तय है कि भाजपा सिंधिया पर व्यक्तिगत हमले की तैयारी में जुट चुकी है।पर भाजपा के लिए सिंधिया पर हमला करने के साथ साथ उस परिवार के उन सदस्यों को भी साधकर रखना होगा जो उनकी पार्टी की नींव में षामिल है।क्यों कि सिंधिया परिवार के सदस्य भले ही अलग अलग दलों में हो,,परिवार के नाम पर किए गए हमलों पर हमेषा सभी सदस्य एक सुर में बोलते नजर आते है।तो भाजपा के सामने आगामी चुनावों में अपने इन सदस्यों को साधते हुए सिंधिया पर हमले करना एक बडी चुनोती बनने वाली है।

लेखक विजय तिवारी युवा पत्रकार हैं।

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